Textileसूरत सिटी

बाजार में अनुशासन और उद्योग बचाने के लिए SWJA का निर्णय

वीविंग जरी में प्रति किलो 15 रुपये की बढ़ोतरी, गारंटी-क्लेम पूरी तरह बंद

15 फरवरी से नए दर लागू, उधारी सीमा 60 दिन तय सूरत।शनिवार को सूरत वीविंग जरी एसोसिएशन (SWJA) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। सूरत के जरी उद्योग में कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और आर्थिक दबाव के बीच एसोसिएशन ने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। 15 फरवरी से हर जरी (प्लास्टिक जरी) में प्रति किलो 15 रुपये की कीमत बढ़ाने का निर्णय लागू किया गया है। साथ ही जरी के माल में किसी भी प्रकार की गारंटी या क्लेम को पूरी तरह बंद करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।
बाजार में अनुशासन बनाए रखने और व्यापारियों के हित सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उधारी (पेमेंट) की अधिकतम सीमा 60 दिन तय की गई है।
सूरत वीविंग जरी एसोसिएशन के अध्यक्ष करण कोटेचा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में उद्योग के सामने खड़ी चुनौतियों, खासकर पिछले एक महीने से कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों और बाजार में बढ़ते असंतुलन पर विस्तार से चर्चा हुई। उद्योग को बनाए रखने के लिए सख्त लेकिन जरूरी कदम उठाने पर सदस्यों ने सहमति जताई।
SWJA के उपाध्यक्ष परेश लाठिया ने बताया कि 15 फरवरी से जरी के दाम में प्रति किलो ₹15 की बढ़ोतरी लागू रहेगी और इसका सख्ती से पालन किया जाएगा। इसके अलावा अब जरी के माल में किसी भी प्रकार की गारंटी नहीं दी जाएगी और कोई क्लेम मान्य नहीं होगा। इस फैसले से बाजार में अनिश्चितता कम होगी और लेनदेन में पारदर्शिता आएगी।
उन्होंने बताया कि भुगतान की अवधि धीरे-धीरे बढ़कर 100 से 125 दिन तक पहुंच गई थी। उधारी व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए अधिकतम 60 दिन की सीमा तय की गई है। उद्योग के समग्र विकास और हजारों परिवारों के रोजगार को ध्यान में रखते हुए ये फैसले लिए गए हैं।
SWJA बैठक के मुख्य निर्णय
:-जरी की उधारी अधिकतम 60 दिनों के भीतर ही दी जाएगी।
:-जरी के माल में किसी भी प्रकार की गारंटी या क्लेम मान्य नहीं होगा।
:-कच्चे माल के दाम बढ़ने से जरी में प्रति किलो 15 रुपये की बढ़ोतरी लागू।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button