
आयकर के ड्राफ्ट नियमों में बैंकों में नकद जमा/निकासी, मोटर वाहन और संपत्ति की खरीद, तथा होटल के बिल के भुगतान के लिए PAN (पैन कार्ड) दिखाने की लेनदेन सीमा में उल्लेखनीय वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है। ये नए नियम 1 अप्रैल से लागू होंगे। एक वित्तीय वर्ष में किसी व्यक्ति के एक या अधिक खातों में कुल 10 लाख रुपये या उससे अधिक नकद जमा या निकासी के लिए PAN अनिवार्य रहेगा। वर्तमान में, बैंक में एक दिन में 50,000 रुपये से अधिक की नकद जमा के लिए PAN जरूरी है।
ये ड्राफ्ट नियम आयकर अधिनियम को लागू करने के लिए तैयार किए गए हैं, जो 1962 के पुराने नियमों का स्थान लेंगे। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह तक इन्हें अधिसूचित किया जाएगा। ड्राफ्ट में नियोक्ताओं द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं के मूल्य में वृद्धि करने और क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए कर विभाग के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके अलावा, सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) को इलेक्ट्रॉनिक भुगतान के मान्य माध्यम के रूप में शामिल किया गया है। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के दावे के लिए ड्राफ्ट नियमों में कैटेगरी-1 मेट्रो शहरों की सूची का विस्तार किया गया है, जिसमें अब बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद और हैदराबाद को शामिल किया गया है। इस सूची में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई पहले से शामिल हैं। मोटरसाइकिल सहित वाहनों की खरीद में यदि कीमत 5 लाख रुपये से अधिक होगी तो ही PAN देना होगा। अभी तक दोपहिया वाहनों के लिए PAN जरूरी नहीं था, जबकि अन्य वाहनों के लिए कीमत चाहे जो भी हो, PAN अनिवार्य था। यदि होटल/रेस्तरां, बैंक्वेट हॉल या इवेंट मैनेजमेंट का बिल 1 लाख रुपये से अधिक होगा तो ही PAN देना पड़ेगा। फिलहाल यह सीमा 50,000 रुपये है। बीमा कंपनी के साथ खाता आधारित संबंध शुरू करने के लिए PAN अनिवार्य होगा। HRA के उद्देश्य से कैटेगरी-1 मेट्रो शहरों की सूची में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के साथ अब अहमदाबाद, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद को भी शामिल किया गया है।
ड्राफ्ट आयकर नियम, 2026 के मुख्य अंश:-
नियमों की संख्या 511 से घटाकर 333 करने का प्रस्ताव। फॉर्मों की संख्या 399 से घटाकर 190 करने का प्रस्ताव।
:-सरल और स्मार्ट प्री-फिल्ड (पहले से भरे हुए) फॉर्मों पर जोर
:-क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए कर विभाग के साथ जानकारी साझा करना अनिवार्य होगा
:-संपत्ति की खरीद, बिक्री या उपहार के मामलों में PAN की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का प्रस्ताव



