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लेउवा पाटीदार समाज का भव्य राजस्वी सम्मान समारोह, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल रहे अध्यक्ष

एकता और संगठन ही पाटीदार समाज की सबसे बड़ी शक्ति – नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय मंत्री मंडल की गरिमामयी उपस्थिति

सूरत।समस्त लेउवा पाटीदार समिति–सूरत द्वारा बड़े वराछा में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के अध्यक्षस्थान में ‘भव्य राजस्वी सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री डॉ. मनसुखभाई मांडविया, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटील सहित अनेक मंत्री, जनप्रतिनिधि और सामाजिक अग्रणी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि पाटीदार समाज केवल एक समुदाय नहीं, बल्कि परिश्रम, ईमानदारी, संघर्ष और नेतृत्व का जीवंत प्रतीक है। सरदार साहेब की दृढ़ इच्छाशक्ति और एकता के विचारों से प्रेरित होकर समाज ने देश–विदेश में विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि “एकता और संगठन” पाटीदार समाज की सबसे बड़ी ताकत है और प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ–सबका विकास’ के मंत्र को समाज ने आत्मसात किया है।


नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने स्पष्ट कहा कि अपराधी का कोई समाज नहीं होता, अपराधी समाज का दुश्मन होता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सूदखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर ग्रामीण जनता को राहत दी है। साथ ही, अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को रिकॉर्ड समय में राहत पैकेज पहुंचाने और हीरा उद्योग में मंदी के दौरान रत्न कलाकारों के बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष पैकेज का उल्लेख किया।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी. आर. पाटील ने कहा कि गुजरात का जल-संरक्षण मॉडल पूरे देश ने अपनाया है। जनभागीदारी से बने लाखों जल-संरक्षण ढांचों ने आत्मनिर्भरता का उदाहरण प्रस्तुत किया है, जिसमें पाटीदार समाज की भूमिका सराहनीय रही।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुखभाई मांडविया ने युवाओं से सरदार साहेब के विचारों से प्रेरणा लेकर समाजसेवा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कृषि मंत्री जीतुभाई वाघाणी ने कहा कि पाटीदार समाज ने शहरों में परिश्रम कर सौराष्ट्र के गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।


कार्यक्रम में उर्जा राज्य मंत्री कौशिकभाई वेकरिया ने व्यसनमुक्ति और सामाजिक एकता को राष्ट्र निर्माण की कुंजी बताया। समापन पर लोकसाहित्य से सजे भव्य डायरें में प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुतियों ने वातावरण को भावविभोर कर दिया। बड़ी संख्या में समाजजन और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति ने समारोह को ऐतिहासिक बना दिया।

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