गोडादरा में भागवत कथा का सातवां दिन : कृष्ण–सुदामा मित्रता प्रसंग से भक्त हुए भावुक

सूरत। शहर के गोडादरा क्षेत्र में श्रीकृष्णा ड्रीम्स एवं स्टलर के समीप, एसएमसी गार्डन के पास गौ-सेवार्थ आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा स्थल भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण किया।
कथा व्यास बाल संत भोलेबाबाजी ने गोपी गीत, कंस वध, उद्धव–गोपी संवाद, द्वारिका स्थापना, श्रीकृष्ण–रुक्मिणी विवाह, जरासंध वध एवं विशेष रूप से कृष्ण–सुदामा मित्रता प्रसंग का संगीतमय व भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जीव और ब्रह्म के मिलन को ही महारास कहा गया है तथा जब-जब भक्तों पर संकट आया है, प्रभु स्वयं उनके उद्धार के लिए आए हैं।
सुदामा–कृष्ण प्रसंग में बताया गया कि सुदामा का नाम सुनते ही भगवान कृष्ण द्वार पर दौड़ पड़े और अपने मित्र को गले लगा लिया। यह दृश्य देखकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

विप्र फाउंडेशन के गुजरात प्रदेश महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने बताया कि प्रातः प्रभात फेरी कथा पंडाल से निकाली गई। चरणपादुका सेवा पारीक विकास ट्रस्ट द्वारा तथा पंडाल की सफाई सेवा राजगुरु प्रभात शाखा द्वारा प्रदान की गई।
इस अवसर पर मुख्य मनोरथी घनश्याम सेवग,तोलाराम सारस्वत (प्रदेश अध्यक्ष, विप्र फाउंडेशन),
गिरधारी सिंह राजपुरोहित (संयोजक),जंखना पटेल (भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक),
नारायणी देवी (कडोदरा नगरपालिका चेयरमेन),वीरेन्द्र शर्मा,
जय प्रकाश अग्रवाल,राजेश सारस्वत,संदीप शर्मा,के.आर. जोशी,पुखराज खंडेलवाल
सहित जोन-15 सूरत के पदाधिकारी एवं हजारों की संख्या में गौभक्त उपस्थित रहे।




