
सूरत में SIR अभियान के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटि-रहित बनाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। इस दौरान चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए हैं। सूरत की 16 विधानसभा सीटों पर हुई जांच में लाखों मतदाताओं के स्थानांतरण, मृत्यु और डुप्लीकेट नामों का बड़ा खुलासा हुआ है।
जांच में पता चला कि 8,68,526 मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र में तो दर्ज हैं, लेकिन वे वहां रहते नहीं और दूसरी विधानसभा में स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके अलावा, 1,45,155 मतदाताओं के मृत होने की पुष्टि हुई है, जिनके नाम सूची से हटाए जाएंगे। वहीं, BLO की घर-घर जांच में 1,28,540 मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। सिस्टम चेक में 43,082 मतदाता ऐसे मिले जिनके नाम दो अलग-अलग विधानसभाओं में दर्ज हैं।
जांच में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि सूरत जिले के कुल 48,73,512 मतदाताओं में से अधिकांश की सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इनमें से 35,88,205 मतदाताओं ने फॉर्म भरकर BLO को वापस किए, जिनमें से 22,08,880 के दस्तावेज सही पाए जाने पर उनके नाम सूची में लॉक कर दिए गए हैं। वहीं 13,78,512 मतदाताओं ने अधूरे दस्तावेज जमा किए हैं। नियमों के अनुसार, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए, इन्हें एक और मौका दिया जाएगा और जल्द ही नोटिस भेजकर सुनवाई की जाएगी।
सबसे बड़ी चिंता उन 12,63,797 संदेहास्पद मतदाताओं की सूची को लेकर है, जिनमें मृतक, स्थानांतरित, पते पर न मिलने वाले और डुप्लीकेट नाम शामिल हैं। इन नामों पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।
मतदाता सूची की प्रमुख जानकारी:
कुल मतदाता: 48,73,512
वापस आए फॉर्म: 35,88,205
अनुमोदित फॉर्म: 22,08,880
अधूरे दस्तावेज वाले: 13,78,512
स्थानांतरित मतदाता: 8,68,526
मृत मतदाता: 1,45,155
पते पर न मिलने वाले: 1,28,540
डुप्लीकेट मतदाता: 43,082




