
सूरत: सूरत जिले की लोक अदालत ने एक बार फिर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। लोक अदालत के माध्यम से रिकॉर्ड तोड़ मामलों का निपटारा करते हुए सूरत ने पूरे गुजरात में पहला स्थान प्राप्त किया है। खास बात यह है कि सूरत जिला लगातार तीसरी बार राज्य में मामलों के निपटारे में अव्वल रहा है।लोक अदालत के दिन कुल 1,29,172 मामले प्रस्तुत किए गए थे, जिनमें से 1,26,723 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल 358.86 करोड़ रुपये का सेटलमेंट हुआ।
चेक बाउंस मामलों में बड़ा निपटारा
लोक अदालत में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत कुल 3,640 मामलों का आपसी समझौते से निपटारा किया गया, जिनमें 11,99,13,30,480 रुपये (लगभग 11.99 करोड़) की राशि का सेटलमेंट हुआ।यह सफलता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरत के अध्यक्ष आर. ए. त्रिवेदी के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन और निरंतर प्रयासों का परिणाम बताई जा रही है।
आज की लोक अदालत की प्रमुख उपलब्धियां
- लोक अदालत के दिन कुल 3,07,348 मामलों का निपटारा
- एक सिविल वाद में 1,12,16,885 रुपये का सुखद समझौता
- MACP के एक मामले में 75 लाख रुपये में समझौता; लोक अदालत में 20 बड़े MACP मामलों सहित 213 मामलों में कुल 22.34 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया
- 10 वर्ष या उससे अधिक पुराने सिविल और आपराधिक मामलों सहित कुल 179 मामलों का निपटारा
- लोक अदालत में 99 टार्गेटेड मामलों का भी सफल समाधान
लोक अदालत के माध्यम से तेज, सुलभ और सौहार्दपूर्ण न्याय उपलब्ध कराने में सूरत जिले ने एक बार फिर राज्य स्तर पर अपनी अग्रणी भूमिका साबित की है।




