डायमंड नगरी सूरत में तुलसी शोभायात्रा से गूँजा परिसर, गोविंदराम जी शास्त्री की भक्त चरित्र कथा आरंभ

सूरत। डायमंड नगरी सूरत में रविवार को भक्ति, श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब भव्य तुलसी शोभायात्रा के साथ श्री भक्त चरित्र (भक्तमाल) कथा का शुभारंभ हुआ। अखिल भारतीय रामस्नेही सम्प्रदायाचार्य पीठ, रामधाम खेड़ापा के आशीर्वाद से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में सर्व समाज के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता निभाई। तुलसी शोभायात्रा का शुभारंभ डुंभाल हनुमान जी मंदिर से हुआ, जो आई माता चौक होते हुए आई माता रोड स्थित सीरवी समाज भवन, कथा स्थल तक पहुंची। गाजे-बाजे, भजन-कीर्तन और भक्तिमय नारों के साथ निकली शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय वातावरण से ओतप्रोत कर दिया।]

आयोजन समिति के अनुसार शोभायात्रा में 2000 से अधिक सर्व समाज के श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, वहीं 1500 से अधिक महिलाओं को तुलसी पौधों का वितरण किया गया। तुलसी वितरण को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया और इसे धर्म के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संदेश बताया गया। कथा स्थल सीरवी समाज भवन को इवेंट संस्कृति की ओर से गुंजन अग्रवाल एवं प्रियंका शर्मा द्वारा अत्यंत आकर्षक एवं भव्य रूप से सजाया गया, जहां पंडाल की साज-सज्जा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। कथा पंडाल में बनाए गए सुंदर फोटो बूथ में कलात्मक सजावट देखने को मिली, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपने यादगार पलों को कैमरे में कैद किया। शोभायात्रा के पश्चात संत श्री गोविंदराम जी शास्त्री द्वारा श्री भक्त चरित्र कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया। उनकी ओजस्वी वाणी और भक्तों के जीवन चरित्रों पर आधारित प्रसंगों ने पहले ही दिन श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि आगामी दिनों में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक कथा का आयोजन किया जाएगा तथा मंगलवार 16 दिसंबर को सायं 8 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का भी आयोजन रखा गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति अपेक्षित है। पूरे आयोजन को सफल बनाने में श्री सत्संग सेवा समिति, सूरत के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा। समिति ने समस्त धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आगामी दिनों में सपरिवार उपस्थित होकर कथा का लाभ लें।



