
सूरत। साउथ गुजरात टेक्सटाइल ट्रेडर्स एसोसिएशन (एसजीटीटीए) की आवश्यक बोर्ड मीटिंग शुक्रवार, 29 नवंबर को शाम 7 बजे संस्था के बोर्डरूम में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष सचिन अग्रवाल ने की, जबकि संचालन उपाध्यक्ष सुनील मित्तल ने किया।
बैठक की शुरुआत में अध्यक्षश्री ने दीपावली के बाद व्यापार की धीमी रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दिसावर में ग्राहकों की जीवनशैली, फैशन और खर्च के तौर-तरीकों में जो बदलाव आया है, उसने ग्राहकी और पेमेंट—दोनों की स्थिति को अस्थिर कर दिया है। उन्होंने कहा कि कपड़ा बाजार में इस वर्ष उतार-चढ़ाव बेहद अनियमित और अप्राकृतिक रहे।
बोर्ड चेयरमैन सुनील कुमार जैन ने भी बाजार की कमजोर ग्राहकी पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि जब बाजार में ग्राहकी नहीं होगी तो पेमेंट भी कैसे सुधरेगा? एमएसएमई कानूनों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि दिसावर के व्यापारी को एमएसएमई के चलते सूरत की पेमेंट चिंता नहीं रहती, पर सूरत के व्यापारी को 31 मार्च तक इसकी अनुपालना करनी जरूरी होने से जनवरी से ही खरीदी में ब्रेक लग जाता है। इस वजह से बाजार में अतिरिक्त उतार-चढ़ाव पैदा होता है। इस वर्ष भी इसके संकेत स्पष्ट दिख रहे हैं।
मीटिंग के दौरान सभी डायरेक्टर्स ने लेट पेमेंट, व्यापार की वर्तमान परिस्थितियां, चीटिंग, गुड्स रिटर्न और एमएसएमई जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।गहन विमर्श के बाद एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया गया—“जिन व्यापारियों के 30 अगस्त तक के बिलों का पेमेंट क्लियर नहीं है, उनसे आगे व्यापार नहीं किया जाएगा।”
सभी डायरेक्टर्स ने यह भी तय किया कि संस्था हर 10 दिन में एजेंट, आढ़तियों और ट्रेडर्स के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करेगी, ताकि सूरत टेक्सटाइल बाजार की बदलती स्थिति और पेमेंट सिस्टम पर नियमित चर्चा हो सके। उनका मानना था कि ऐसी बैठकों से पूरे कपड़ा व्यापार जगत में सकारात्मक संदेश जाएगा और बाजार व्यवस्था में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी।अंत में संस्था के सहमंत्री महेश जैन ने सभी उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।मीटिंग में ट्रेजरार संतोष माखरिया, डायरेक्टर्स सुनील गोयल, रोशनलाल, संजय अग्रवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।




