संयम की राह कठिन पर यहीमोक्षगामी मार्ग-आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर
संघ शास्ता वर्षावास कीपूर्णाहुति पर कृतज्ञता दिवस व विदाई समारोह सम्पन्न हुआ

आज आराधना भवन केजीर्णोद्वार का भूमिपूजन व खनन मुहुर्त का कार्यक्रम होगा
मुमुक्षु दिव्या बोथरा कीदीक्षा का 16 जनवरी को सूरत में होगी
आज चातुर्मास का अंतिम दिन,चातुर्मास स्थल से विहार कर होगा स्थान परिवर्तन
बाड़मेर 04 नवम्बर।कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में श्री जैन श्वेताम्बरखरतरगच्छ चातुर्मास कमेटी के तत्वाधान एवं खरतरगच्छाधिपति आचार्यश्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री व श्रमण-श्रमणीवृन्द के पावन सानिध्य में चल रहे संघ शास्ता वर्षावास 2025 के समापनके दिन पूर्व बुधवार को दैनिक प्रवचन माला में कृतज्ञता समारोह व विदाई समारोहमें संयम पथ पर सम्बोधित करते हुए खरतरगच्छाधिपति ने कहा कि मुमुक्षु चारित्र केभाव अपने हदय में आये दृढ रहे, क्रियान्वित हो, अपने आप में इस पंचम काल काबहुत बड़ा अचरज है, ये पंचम काल दुनिया में परिवार का वातावरण जहां व्यक्ति पैसाधन को ही मान सम्मान देता है। ऐसे वातावरण में मोबाइल व टेलिविजन के युग में शोसलमीडिया के जहरीले वातावरण में रहने वाले ऐसे युवा परिपक्व उम्र में परिपक्त अध्ययनके साथ समझा के साथ अपने चित को अपने मन को मजबूत बनाना, व्यक्ति थोड़ी देरके लिए भी अपने मन को मजबूत नही रख पाता, एक दिन का पौषध लेता है तो व्यक्तिका मन चंचलता से घिर जाता है। एक सामायिक भी व्यक्ति शुद्धता के साथ कहां कर पाताहै। ऐसे वातावरण में मुमुक्षु दिव्या बोथरा चारित्र ग्रहण करने के भाव को अपनेअंतर में लिये। परमात्मा के मार्ग पर जाने के लिए अपना मन बनाया, परमात्मा का वोमार्ग वो कांटो भरा मार्ग है। इस संयम के पथ को कांटों भरा कहा गया है, इसलिएकहा गया है कि यहां मिलने वाला दुःख भी कांटा है और सुख भी कांटा है। दुःखका कांटा छोटा होता है कम समय के लिए चुभता है मगर सुख का कांटा बहुत बड़ाहोता है जो जीवन भर चुभता है। लेकिन संयम जीवन ऐसा है जो कामना और कल्पनाजिनका संबंध संसार से नही है दोनो का संबंध आत्मा से है और उनका यह लक्ष्य हैकि मोक्ष को कैसे प्राप्त करे। दीक्षा का मुहुर्त लेने के बाद मोबाईल से दूर रहनाचाहिए और माला व सामायिक से दिन निकालने है। चातुर्मास कमेटी के अध्यक्ष अशोकधारीवाल व मीडिया प्रभारी कपिल मालू ने बताया कि संघ शास्ता वर्षावास 2025 केसमापन से एक दिन पूर्व बुधवार को कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचनवाटिका में चातुर्मास कमेटी द्वारा प्रातः 09.00 बजे कृतज्ञता समारोह व विदाई समारोहआयोजित हुआ, इस समारोह में कई वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए चार माह चातुर्मासमें गुरूदेव की निश्रा में कार्यक्रमों की यादों को ताजा किया। मालू ने बताया कि कृतज्ञतासमारोह व विदाई समारोह का शुभारम्भ सर्वप्रथम संगीतकार गौरव मालू द्वारा गुरूवन्दना से हुआ व गुरूदेव के मुखारबिन्द से मंगलाचरण से हुआ।

मुनि मुखरप्रभसागरजीम.सा. द्वारा प्रार्थना से कार्यक्रम का आगाज हुआ। तत्पश्चात मूलतः बाड़मेर निवासी वर्तमानमें इचलकरणजी मुमुक्षु दिव्य बोथरा सुपुत्री मीनादेवी-सुरेशकुमार बोथरापरिवार द्वारा दीक्षा के मुहुर्त के लिए विनती की गई और गुरूदेव द्वारा मुहुर्त प्रदानकरते हुए 16 जनवरी 2026 को सूरत महानगर में उपाध्याय श्री मनितप्रभसागरजी की निश्रामें दीक्षा ग्रहण कर गणिनीवर्या साध्वी सुलोचना श्रीजी की शिष्या बनेगी। मुमुक्षुदिव्या बोथरा ने दीक्षा के भावना कैसे बनी उस पर भाव व्यक्त किए। चातुर्मास कमेटीद्वारा मुमुक्षु दिव्या बोथरा व उनके परिवार का बहुमान किया गया। गोपाल गौशालाट्रस्ट द्वारा गुरूदेव को श्रद्धेय हस्तीमल बोथरा दिल्ली की पुण्यतिथि पर बोथरा परिवारद्वारा गायों के लिए टीन शेड बनाया गया, जिसका उद्वघाटन गुरूदेवश्री के हाथों 06नवम्बर प्रातः 08 बजे होगा, जिसके बेनर का विमोचन किया गया। जूना किराडू मार्ग केयुपशाखा 02 की कार्यकारिणी के गठन के बाद विस्तार किया गया और शपथ दिलाई गई। चातुर्मासकमेटी के ट्रस्टी पवन छाजेड़ ठकोणी व विनीत हालावाला ने बताया कि चातुर्मास में चारमाह ज्ञान की गंगा बही, जिसके विदाई समारोह के दौरान गौरव मालू ने विदाई गीतप्रस्तुत किया। चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष अशोक धारीवाल ने कृतज्ञता दिवस व विदाईसमारोह के कार्यक्रम को गति देते हुए वक्ताओं को कम शब्दों में अपने वक्तव्य केलिए आमंत्रित किया, जिसमें सर्वप्रथम सज्जनराज मेहता, वीरचन्द भंसाली, सोनू वडेरा,पूर्व विधायक मेवाराम जैन, पुरूषोतम हप्पन धारीवाल, केएमपी अध्यक्षा सरिता जैन, सतीषछाजेड़, कांता सिंघवी, भरत छाजेड़, साध्वी अनन्यारूचि श्रीजी म.सा., चातुर्मास कमेटीअध्यक्ष अशोक धारीवाल, आदिनाथ ट्रस्ट अध्यक्ष बुधरचन्द भंसाली, पूर्व सभापतिलूणकरण बोथरा, आनन्द जैन, बाबुलाल संखलेचा, रतनलाल संखलेचा, हर्षा सिंघवी,बाबुलाल बोथरा हेमरत्न, रोशनलाल मालू, शिवानी बोथरा, मुमुक्षु प्रिया, सम्पतराजनाहटा, कुशल गोलेच्छा, विनीता हालावाला, बाबुलाल छाजेड़ कवास, सम्पतराज धारीवालसनावड़ा, लालचन्द बरड़िया, सिमरन बोथरा, केयुप अध्यक्ष ललित छाजेड़, अनिता बोथरा,शोभा छाजेड़, सुरेश धारीवाल, शिल्पा मेहता, पपूदेवी धारीवाल, शिवानीछाजेड़, जेठमल सिंघवी, पुखराज भंसाली, संगीता भंसाली, सीए.जितेन्द्र बोथरा, सुनिलबोथरा, रतनलाल तातेड़, गौरव भंसाली, पिन्टू धारीवाल, हनुमान छाजेड़, केवलचन्दछाजेड़, सम्पतराज बोथरा दिल्ली, दिनेश लूणिया, हितेश मालू सहित कई वक्ताओं नेचार माह चातुर्मास को लेकर गुरूदेव के विदाई में अपनी वक्तव्य, गीत प्रस्तुत किए।सुधर्मा प्रवचन वाटिका में दोपहर 02.00 बजे 14 वर्ष से उपर बालिकाओं की शिविरका आयोजन हुआ। आराधना भवन में बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री की 54वींओली की तपस्या की पुर्णाहुति पर मिश्रीमल बोहरा परिवार जयपुर द्वारा सामुहिक सामायिक की आराधना सम्पन्न हुई। प्रवचन के बाद संघ पूजन केयुप शाखा बाड़मेर द्वारा रखी गई।आज प्रवचन के बाद विहार करके आराधना भवन पहुंचेंगे जहां पर आराधना भवन केजीर्णोद्वार के लिए भूमिपूजन व खनन मुहुर्त का कार्यक्रम आयोजित होगा। आज शामगुरूदेव विहार कर सांय 04.00 बजे लीलरिया धोरा, सरदारपुरा स्थित पूर्व विधायक मेवाराम जैन के निवास पर पधारेंगे।




