
DGP के 100 घंटे में जांच पूरी करने के आदेश के बाद प्रथम चरण की जांच पूर्ण
3,744 आरोपियों ने बदला पता, 4,506 आरोपी राज्य के बाहर, 2,326 की मृत्यु
दिल्ली और अहमदाबाद में हुए ब्लास्ट की घटनाओं के बाद गुजरात सरकार तत्काल एक्शन मोड में आ गई थी। सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने तथा सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से लगातार उच्चस्तरीय बैठकों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में राज्य के पुलिस प्रमुख द्वारा पिछले 30 वर्षों में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में पकड़े गए सभी आरोपियों की जानकारी एकत्र कर उनकी व्यापक जांच के आदेश जारी किए गए थे। इन आदेशों के तहत गुजरात पुलिस की विशेष ड्राइव में 100 घंटे के भीतर राष्ट्र-विरोधी तत्वों का चेकिंग कार्य पूरा किया गया है।राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों ने समयसीमा के भीतर घर-घर जाकर कुल 31,834 आरोपियों का सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार की है।
गुजरात ATS द्वारा हाल ही में राष्ट्र-विरोधी तत्वों को हथियार और घातक सामग्री के साथ पकड़े जाने की घटना तथा उसके बाद दिल्ली में हुए बम धमाके को गंभीरता से लेते हुए DGP विकास सहाय ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तत्काल एक्शन प्लान तैयार कर आवश्यक आदेश दिए थे। 17 नवंबर को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में उन्होंने सभी जिला पुलिस प्रमुखों और पुलिस आयुक्तों को निर्देश दिए कि पिछले तीन दशकों में राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों, जैसे UAPA, TADA, NDPS, आर्म्स एक्ट, एक्सप्लोसिव एक्ट, फेक भारतीय मुद्रा आदि गंभीर अपराधों में पकड़े गए सभी आरोपियों का सघन सत्यापन कर डोज़ियर 100 घंटे में तैयार किया जाए।
इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने आरोपियों की वर्तमान गतिविधियों, आजीविका, निवास, रोजगार तथा सामाजिक संपर्क सहित सभी तथ्यों की विस्तृत पूछताछ की। DGP विकास सहाय ने बताया कि गुजरात पुलिस द्वारा चेकिंग का पहला चरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब दूसरे चरण में राष्ट्र-विरोधी तत्वों पर स्थायी नियंत्रण बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य के बाहर रहने वाले आरोपियों की जांच के लिए एक विशेष SOP बनाकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कुल 31,834 आरोपियों में से 11,880 आरोपी (37 कट्टा) मिले, जिनके पूर्ण डोज़ियर तैयार कर लिए गए हैं। 2,326 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 3,744 आरोपियों ने अपना पता बदल दिया है, जिनकी अब नए पते पर सत्यापन प्रक्रिया की जाएगी। इसके अलावा 4,506 आरोपी राज्य के बाहर पाए गए हैं, जिनकी जांच हेतु दूसरी चरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
पुलिस द्वारा तैयार किए जा रहे इन डोज़ियरों में आरोपी के व्यक्तित्व और जीवन के हर पहलू को शामिल किया गया है। यह डोज़ियर पाँच पन्नों का होगा, जिसमें आरोपी द्वारा दी गई जानकारी और पुलिस द्वारा जुटाई गई सूचनाएँ दोनों शामिल होंगी।
पहले पृष्ठ पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने हेतु तीन एंगल से खींची गई ताज़ा तस्वीरें — सामने से, दाईं ओर से और बाईं ओर से — अनिवार्य रूप से शामिल की जाएँगी। ये तस्वीरें AI डेटाबेस में अपलोड की जाएँगी, ताकि भविष्य में CCTV कैमरे भीड़ में भी आरोपी की पहचान कर सकें।




