
सूरत। टेक्सटाइल उद्योग में जीएसटी दरों को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। हाल ही में जीएसटी काउंसिल द्वारा किए गए नए ढांचे में मैनमेड फाइबर (MMF) वैल्यू चेन पर अलग-अलग दरें रखे जाने से उद्योग जगत में चिंता का माहौल है। सूरत के उद्योगपतियों ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर मांग रखी कि पूरे मैनमेड फाइबर वैल्यू चेन पर एक समान 5% का जीएसटी स्लैब लागू किया जाए।
दरअसल, 22 सितंबर से यार्न और कपड़े पर 5% जीएसटी लागू किया गया है, जबकि यार्न तैयार करने वाले बेसिक रॉ-मटेरियल जैसे MEG और PTA पर 18% जीएसटी जारी है। उद्योगपतियों का कहना है कि इस निर्णय से यार्न महंगा होगा, साथ ही टैक्स क्रेडिट यूटीलाईज़ेशन की समस्या के चलते नए निवेशक उद्योग में प्रवेश नहीं करेंगे।
सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात की। इसमें चैंबर के पूर्व अध्यक्ष आशिष गुजराती, ग्रुप चेयरमैन सुरेश पटेल, डिप्टी सेक्रेटरी पौलिक देसाई तथा नायलॉन स्पिनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी शामिल हुए। प्रतिनिधिमंडल ने पाटिल को ज्ञापन सौंपकर कहा कि पैराज़ाइलिन, कैप्रोलैक्टम, MEG, PTA से लेकर कपड़े तक की पूरी वैल्यू चेन को 5% के समान जीएसटी स्लैब में लाया जाए।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि वर्तमान ढांचे में एमएमएफ यार्न पर दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है, जिससे इन्वर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर और गंभीर हो गया है। इस कारण पूंजीगत वस्तुओं पर इनपुट क्रेडिट का उपयोग नहीं हो पाएगा और आगामी वर्षों में उद्योग पर 24,000 करोड़ रुपये के संभावित निवेश पर नकारात्मक असर पड़ेगा। प्रतिस्पर्धात्मकता घटने से उत्पादकों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव बढ़ेगा।
उद्योगपतियों की इस समस्या पर सी.आर. पाटिल ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वासन दिया कि वे इस विषय को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा के समक्ष रखेंगे। आने वाले दिनों में सूरत के उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल दिल्ली जाकर दोनों मंत्रियों से सीधी मुलाकात करेगा और अपनी मांगों पर विस्तार से चर्चा करेगा।




