पलसाणा की संतोष मिल हादसे में मृतकों की संख्या 7, आठवें दिन दर्ज हुआ गैर-इरादतन हत्या का मामला

सूरत। जिले के पलसाणा तालुका स्थित जोलवा गांव की संतोष टेक्सटाइल मिल में 1 सितंबर को हुए भीषण हादसे में मृतकों की संख्या सात तक पहुँच गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दो और मजदूरों—सुष्मा गणेशभाई मिश्रा तथा मुन्ना बिश्वनाथ दास—की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इससे पहले भी प्रियांका देवी, जोगेन्द्र प्रजापति और प्रीति सिंह समेत कुल सात मजदूरों की मौत हो चुकी है। मृतकों में महिलाएँ भी शामिल हैं।
घटना उस समय हुई जब मिल में रसायन से भरा ड्रम अचानक फट गया और भीषण आग भड़क उठी। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 15 से अधिक गंभीर रूप से घायल हुए थे। घायलों को 108 एम्बुलेंस व फायर ब्रिगेड की मदद से अस्पताल पहुँचाया गया था। कई मजदूरों का इलाज उधना स्थित निजी अस्पतालों में चल रहा है। मृतकों के परिजनों ने मुआवजे और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने की माँग की है।
घटना के आठ दिन बाद पलसाणा पुलिस ने मृतक मजदूर रवीन्द्रकुमार महेश महंतो की शिकायत पर संतोष मिल के जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में ड्राम सुपरवाइज़र अनमोल सुखनंदी शाही और ड्राम ऑपरेटर Alpesh ताराभाई पटेल को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार हादसे के समय सुपरवाइज़र उपस्थित नहीं था और ऑपरेटर ने लगातार चल रहे ड्रम नं. 10 को बंद किए बिना स्थल छोड़ दिया था, जिसके चलते यह दुर्घटना घटी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
हादसे में मारी गई सुष्मा मिश्रा मिल में ही कार्यरत थी और उसके दो बच्चे हैं, जबकि उसके पति कपड़े की दुकान में काम करते हैं। वहीं मृतक मुन्ना दास अविवाहित था और अपने भाई-भाभी के साथ रहता था। वह मिल में ड्रम मशीन पर काम करता था, जबकि उसकी भाभी भी उसी मिल में कार्यरत है, जो उस दिन बीमारी के कारण छुट्टी पर थी और इस प्रकार उसकी जान बच गई। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए नई सिविल अस्पताल भेज आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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