नवरात्रि पर्व को लेकर सूरत पुलिस कमिश्नर का आदेश, मूर्ति निर्माण व विसर्जन पर सख्त नियम लागू

सूरत। नवरात्रि महोत्सव-2025 को देखते हुए शहर में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलौत ने 22 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक लागू रहने वाला एक सार्वजनिक आदेश जारी किया है। आदेश के तहत मूर्तियों के निर्माण, बिक्री, स्थापना और विसर्जन से जुड़ी कई गतिविधियों पर विशेष प्रतिबंध लगाए गए हैं।
आदेशानुसार 9 फीट से अधिक ऊँचाई वाली मूर्तियों का निर्माण, बिक्री, स्थापना तथा सार्वजनिक मार्गों पर परिवहन प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार पी.ओ.पी. (Plaster of Paris) की मूर्तियों का निर्माण, बिक्री, स्थापना, परिवहन और प्राकृतिक जलस्रोतों जैसे नदियों व तालाबों में विसर्जन पर भी रोक लगाई गई है। मूर्तियों का विसर्जन केवल सूरत नगर निगम (SMC) द्वारा तैयार किए गए कृत्रिम तालाबों या समुद्र में ही किया जा सकेगा।
मूर्तिकारों को भी निर्देश दिया गया है कि मूर्ति निर्माण व बिक्री स्थल के आसपास गंदगी न फैलाएँ और न ही मूर्तियों को सार्वजनिक मार्गों पर इस तरह रखें जिससे यातायात में बाधा उत्पन्न हो। साथ ही, बिक्री के बाद बची हुई या निर्माण के दौरान टूटी-फूटी मूर्तियों को खुले में छोड़ने पर भी रोक रहेगी।
किसी भी धर्म की भावनाएँ आहत करने वाले चिह्न या प्रतीक वाली मूर्तियों का निर्माण, खरीद-फरोख्त करना वर्जित रहेगा। पर्व समाप्ति के बाद सभी पंडालों को अधिकतम दो दिनों में हटाना अनिवार्य होगा। मूर्ति विसर्जन केवल निर्धारित मार्गों और परमिट में दर्शाए गए रास्तों से ही किया जा सकेगा।
इसके अलावा मूर्ति निर्माण में पानी में आसानी से न घुलने वाले जहरीले रसायनयुक्त रंगों का प्रयोग प्रतिबंधित है। पीने के पानी के स्रोतों में मूर्ति विसर्जन करना भी पूरी तरह से वर्जित रहेगा।
यह आदेश 22 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक प्रभावी रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




