
सूरत/अहमदाबाद।सूरत की क्राइम ब्रांच (इको सेल) पुलिस स्टेशन में दर्ज टेक्सटाइल धोखाधड़ी के एक महत्वपूर्ण प्रकरण में कुल 10 फर्मों के विरुद्ध मामला दर्ज हुआ था। जिसमें आरोप था कि इन फर्मों ने कपड़ा खरीदकर करोड़ों रुपये की पेमेंट नहीं की। इन्हीं में से एक फर्म के संचालक मयूर राजेन्द्रभाई छबलानी ने गुजरात हाईकोर्ट में विशेष आपराधिक याचिका दायर कर अपने विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग की।
याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायमूर्ति हसमुख डी. सुथार ने 28 जुलाई 2025 को पारित आदेश में प्रथम दृष्टया मामला विचारणीय मानते हुए याचिका पर नोटिस जारी कर 6 अक्टूबर 2025 की तारीख तय की है। राज्य की ओर से सरकारी वकील रोहन शाह उपस्थित हुए, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री चिराग एच. पारिख ने पक्ष रखा।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यह विवाद निजी व्यापारिक लेनदेन का है, जिसमें कोई आपराधिक मंशा नहीं है। याचिकाकर्ता पर 5,86,743/-रुपये का माल लेकर भुगतान न करने का आरोप है, जबकि 21 जून 2025 को शिकायतकर्ता को नोटिस भेज कर माल की डिलीवरी व डिलीवरी चालान पर हस्ताक्षर को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद विवाद को आपराधिक रंग देकर एफआईआर दर्ज की गई, जबकि यह दीवानी प्रकृति का मामला है।
कोर्ट ने याचिका के पैरा 11(C) के अनुसार मयूर छबलानी को अंतरिम राहत प्रदान करते हुए संबंधित पुलिस स्टेशन के माध्यम से उत्तरदाता को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम राहत केवल मयूर छबलानी को दी गई है, अन्य फर्मों को नहीं।
यह मामला सूरत टेक्सटाइल व्यापार में बढ़ते पेमेंट विवादों और उनमें आपराधिक मुकदमों की बढ़ती प्रवृत्ति की गंभीरता को उजागर करता है। हाईकोर्ट का यह आदेश व्यापारिक समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक माना जा रहा है।
इस मामले में डीसी क्रिएशन के मयुर भाई ने अपने निवेदन में आये हुवे माल व बैंक से किये पेमेंट का ब्यौरा प्रस्तुत किया।जो माल डीसी क्रिएशन को ट्रांन्सपोर्ट के जरिये मिला उसका भुगतान किया जा चुका है। फरियादी द्वारा डीसी क्रिएशन को भेजा गया 5,86,743 रुपये का माल डिलीवरी नही हुआ।जिसकी जानकारी फरियादी व पुलिस को पूर्व में दिए जाने के बाद मामला दर्ज हुआ है।इसलिए गुजरात हाई कोर्ट ने मयुर छबलानी अंतरिम राहत देते हुवे सम्बंधित पुलिस स्टेशन के माध्यम से उत्तरदाता को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है



