परिवार के सदस्य साथ तो रहते है, मोबाइल के चलते साथ नही रहते -खरतरगच्छाधिपति जिन मणिप्रभसूरीश्वर
रविवार को संस्कार शिविर एवं दादा गुरू इकतीसा प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

परिवार के सदस्य साथ तो रहते है, मोबाइल के चलते साथ नही रहते -खरतरगच्छाधिपति जिन मणिप्रभसूरीश्वर
रविवार को संस्कार शिविर एवं दादा गुरू इकतीसा प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

बाड़मेर। परिवार केवल एक शब्द नही है ये वो स्तम्भ है जो अगर आपके साथ खड़ा है तो आप जीवन की हर कठिनाई, परेशानी, मुश्किल को आसानी से पार कर जाएगें। परिवार साथ नही तो आपको टूटने से कोई नही बचा सकता। परिवार जहां संस्कार से शसक्त बनाने का काम होता है। जहां विश्वास, स्नेह, प्यार, मर्यादा सब कुछ निर्धारित होता है। इन सबके बीच तालमेल बिगड़ जाए तो वो पुरा परिवार ताश के पतो के तरह बिखर जाता है। ये बात दैनिक प्रवचन माला के दौरान रविवार को कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. ने कही। आचार्यश्री ने परिवार में लक्ष्मणरेखा का अर्थ बताते हुए कहा कि घर के सदस्यों के बीच कुछ सीमाएँ और नियम, जिनका पालन करना आवश्यक है। ये सीमाएँ आपसी सम्मान, प्रेम और समझ पर आधारित होती हैं, और इनका उल्लंघन करने से परिवार में अशांति और दुःख आ सकता है। कहा कि सयुक्त परिवार थे तब और एकल परिवार हुए तब क्या फर्क पड़ा है ये किसी बुर्जुग से पूछकर देखे।

माना हम आधुनिक हो गए है, 21वीं सदी में है मगर आधुनिकता दिमाग से होनी थी मगर हम केवल कपडों से ही आधुनिक हो पाए नतीजा पतन की ओर बढ रहे है। परिवार के सदस्य साथ तो रहते है,मगर साथ नही रहते कारण मोबाइल में रहते है। नियम बना लिजिए घर में प्रवेश होते ही मोबाइल का त्याग कर देंगे। माता-पिता,बच्चों के साथ टाइम बिताएंगे बस एक सप्ताह तक करके देख लिजिए परिर्वतन नजर आ जाएगा। टेक्नोलोजी का उपयोग सार्थकता में हो तभी उसका उपयोग सही है। वर्तमान में ये नशे से बुरी लत में आ गया है। बस नियम बना लिजिए घर का समय केवल घर को ही देंगे। खरतरगच्छ संघ चातुर्मास कमेटी के सचिव बाबुलाल बोथरा हेमरत्न व ट्रस्टी अशोक संखलेचा पपसा ने बताया कि चातुर्मास कमेटी के तत्वावधान में रविवार को सिद्धि तप व दादा श्री जिनदतसूरी तप के 378 तपस्वियों के उपवास शाही पारणा शालीभद्र भोजन वाटिका में सम्पन्न हुआ। चातुर्मास कमेटी की ओर से तपस्वियों को तपस्या की सुखशाता पुछी गई। सिद्धि तप के तपस्वियों की आज तीसरी सीढी प्रारम्भ हुई।

चातुर्मास कमेटी के कोषाध्यक्ष बाबुलाल छाजेड़ कवास व ट्रस्टी गौतमचन्द बोथरा ने बताया कि रविवार को दोपहर में 02.00 बजे 04.00 बजे तक दादा गुरूदेव के इक्कतीसा पाठ पर क्विज कम्पीटिेशन प्रतियोगिता कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में आयोजित हुई, जिसमें 400 प्रतिभागियों ने भाग लिया। रविवार को आराधना भवन में बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुतप्रभा जी की निश्रा में दोपहर 03.00 बजे से 04.00 बजे 08 वर्ष से 13 वर्ष से तक के बच्चों के शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें सैंकड़ो महिलाओं ने भाग लिया।
रविवार को तेले की तपस्या पवन संखलेचा की रही और लड़ी आयंबिल की तपस्या रक्षा दिनेश बोथरा की रही। चातुर्मासिक प्रवचन माला में पूर्व विधायक मेवाराम जैन, संघवी शांतिलाल मरड़िया चितलवाना-मुम्बई, नरपतकुमार मरड़िया कारोला, मांगीलाल रांका चैन्नई, कमल कांतिलाल पारख खेतिया एमपी., केवलचन्द नाहटा गांधीधाम, जगदीश नाहटा गांधीधाम, जहाज मन्दिर ट्रस्टी नेमीचन्द रांका, पिंकेश मुणोत सूरत सहित कई गुरूभक्त बाहरी राज्यों से गुरूदेव के दर्शन करने बाड़मेर पहुंचे, जिनका चातुर्मास कमेटी की ओर से लाभार्थी परिवारों द्वारा अभिनन्दन किया गया। प्रवचन के दौरान संगीतकार गौरव मालू द्वारा सामुहिक गुरू वन्दन व भक्ति भावना से किया गया, इसके बाद गुरूदेव के मुखारबिन्द से मंगल पाठ श्रवण करवाया गया।
*संस्कार शिविर का आयोजन*- आराघना भवन में डॉ विद्युत प्रभा श्री की निश्रा में 8 से 13 साल तक बच्चों का संस्कार शिविर आयोजित हुआ। शिविर में साध्वी नमनरुचि म.सा. द्वारा अपने माता-पिता की आज्ञा अनुसार जीवन जीना और अनुशासन के साथ अपने जीवन को आगे बढ़ना चाहिए। बच्चे केएमपी द्वारा बच्चों के लिए एक गेम्स खिलाए गए। उक्त आयोजन केएमपी के तत्ववाधान में सम्पन हुआ। सभी विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।




