
सूरत। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के आदेशानुसार तथा गुजरात राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरत द्वारा 13 सितम्बर को जिले की सभी अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरत के अध्यक्ष एवं मुख्य जिला न्यायाधीश राहुल ए. त्रिवेदी की उपस्थिति में आयोजित इस लोक अदालत में जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण का स्टाफ, जिला अदालत का स्टाफ, बेलिफ एसोसिएशन, जिला सरकारी वकील नयनभाई सुखड़वाला, सिटी बार एसोसिएशन अध्यक्ष नीलकंठ बारोट तथा जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश पटेल सहित अधिवक्ताओं ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। वकीलों के साथ जनजागृति अभियान और अपील के चलते बड़ी संख्या में पक्षकारों ने लोक अदालत में भाग लिया।
इस लोक अदालत में आपराधिक समझौता योग्य मामले, एनआई एक्ट की धारा 138 के मामले, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना, श्रम विवाद, बिजली-पानी बिल, वैवाहिक विवाद, राजस्व व दीवानी मामले शामिल किए गए।
लोक अदालत के दिन कुल 97,331 मामले हाथ में लिए गए, जिनमें से 95,369 मामलों का निपटारा किया गया तथा 1,265,76,06,31रुपये(एक हजार दो सौ पैंसठ करोड़ से अधिक) की राशि का समझौता कराया गया। इस उपलब्धि के साथ सूरत जिला पूरे गुजरात में सबसे अधिक मामलों का निपटारा करने में प्रथम स्थान पर रहा।
विशेष रूप से एनआई एक्ट की धारा 138 के 3,010 मामलों का निपटारा कर 52,90,07,727 रुपये का सेटलमेंट किया गया। इसके अलावा ई-चालान के 1,33,984 मामलों का निपटारा कर 10,50,61,355 रुपये की वसूली की गई। वहीं प्री-लिटिगेशन के 1,48,082 मामलों में 124,29,82,21रुपये की राशि का समझौता कराया गया।
पक्षकारों, वकीलों और आम जनता की उत्साही भागीदारी से यह लोक अदालत अत्यंत सफल रही। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सूरत के अध्यक्ष एवं मुख्य जिला न्यायाधीश राहुल ए. त्रिवेदी ने जनता से अपील की कि आगामी लोक अदालतों में भी अधिकाधिक भाग लेकर अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कराएं।



