सूरत महानगरपालिका चुनाव में भाजपा की आंधी, 120 में से 115 सीटों पर कब्जा
कांग्रेस का खाता खुला, आम आदमी पार्टी 4 सीटों पर सिमटी

सूरत। सूरत महानगरपालिका चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए नगर राजनीति में अपना दबदबा कायम रखा है। कुल 120 सीटों में से भाजपा ने 115 सीटों पर शानदार विजय हासिल कर प्रचंड बहुमत प्राप्त किया। चुनाव परिणामों में विपक्ष पूरी तरह बिखरा नजर आया। कांग्रेस लंबे समय बाद अपना खाता खोलने में सफल रही, जबकि आम आदमी पार्टी केवल 4 सीटों तक सिमट गई।

पिछले महानगरपालिका चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 27 सीटें जीतकर मजबूत विपक्ष के रूप में उभरकर शहर की राजनीति में बड़ी उपस्थिति दर्ज कराई थी। उस चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल पाया था, जबकि भाजपा ने 93 सीटें जीतकर मनपा पर कब्जा जमाया था। इस बार के परिणामों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई और भाजपा ने अपना प्रदर्शन और अधिक मजबूत करते हुए विपक्ष को लगभग समाप्त कर दिया।

चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि शहर में भाजपा का संगठनात्मक नेटवर्क, बूथ स्तर तक की माइक्रो प्लानिंग और मतदाता प्रबंधन रणनीति प्रभावी साबित हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा पेज कमेटी और बूथ स्तर पर किए गए व्यापक संपर्क अभियान का सीधा असर मतदान और परिणामों में देखने को मिला।
उल्लेखनीय है कि सूरत महानगरपालिका पर पिछले लगभग 30 वर्षों से लगातार भाजपा का कब्जा बना हुआ है और इस चुनाव परिणाम के साथ ही पार्टी ने नगर सत्ता में अपना वर्चस्व एक बार फिर कायम रखा है। विपक्षी दलों के कमजोर प्रदर्शन ने भाजपा की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत करने का काम किया है।



