
सूरत। पाल स्थित निशाल आर्केड में एस.पी. ट्रेडर्स नाम से प्लास्टिक और अगरबत्ती का व्यवसाय करने वाली फर्म में अकाउंटेंट द्वारा 69.03 लाख रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोपी ने फर्म मालिक की खराब तबीयत का फायदा उठाते हुए यह रकम ट्रांसफर कर ली। इस मामले में पाल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पाल गैलेक्सी सर्कल के पास नोवा शीतलनाथ में रहने वाले वितराग मेहता के पिता ईश्वरभाई मेहता, निशाल आर्केड की दुकान नंबर जी-51/बी में एस.पी. ट्रेडर्स के नाम से प्लास्टिक और अगरबत्ती का कारोबार करते हैं। उनके यहां अकाउंटेंट के रूप में कार्यरत प्रातिकभाई रमेशभाई गांधी (उम्र 43, निवासी बी-4/103, स्तुति रेसिडेंसी, प्रथम सर्कल, सूरत) ने ईश्वरभाई मेहता की तबीयत खराब होने का फायदा उठाया।
बताया गया है कि आरोपी ने बाजार के व्यापारियों से खुद को एस.पी. ट्रेडर्स का पार्टनर बताकर निवेश के नाम पर रकम उधार ली और उसे फर्म के खाते में जमा करवाता रहा। बाद में उसी रकम में से 69.03 लाख रुपये ईश्वरभाई मेहता की जानकारी के बिना ट्रांसफर कर हड़प लिए।
ईश्वरभाई की तबीयत खराब होने के दौरान व्यापारियों द्वारा वसूली के लिए संपर्क करने पर यह मामला उनके पुत्र वितराग मेहता के ध्यान में आया। पिता की तबीयत सुधरने के बाद जब आरोपी प्रातिक गांधी को हिसाब के लिए बुलाया गया तो वह दुकान पर आने से कतराने लगा। इस दौरान उसने “मेरे से कोई हिसाब मत मांगना, नहीं तो जान से हाथ धोना पड़ेगा” कहकर धमकी भी दी।
अंततः वितराग मेहता ने पाल पुलिस स्टेशन में प्रातिक गांधी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(4) और 351(3) के तहत शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच पीएसआई जे.एम. बारिया कर रहे




