
सूरत।नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS एक्ट) के तहत दर्ज 39.9 किलोग्राम गांजा जब्ती मामले में विशेष अतिरिक्त न्यायालय ने दोनों आरोपियों को निर्दोष बरी करने का आदेश दिया है। यह फैसला 23 जनवरी 2026 को सुनाया गया।
मामले में दोनों आरोपियों की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल की डिप्टी चीफ एडवोकेट श्रीमती जिज्ञाबेन जयेशकुमार सोनी ने संपूर्ण ट्रायल के दौरान प्रभावी और तथ्यात्मक पैरवी की। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों और दलीलों का गहन परीक्षण करने के बाद आरोप सिद्ध न होने के आधार पर आरोपियों को संदेह का लाभ दिया।
प्रकरण के अनुसार, सूरत के भेस्तान रेलवे स्टेशन से रेलवे पुलिस द्वारा 39.9 किलोग्राम गांजा जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इस संबंध में सूरत रेलवे पोस्ट पुलिस स्टेशन में NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा कुल 18 गवाहों की जांच की गई और कई दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष की ओर से गवाहों की जिरह कर कानूनी और प्रक्रियागत कमियों को उजागर किया गया।
बचाव पक्ष की दलीलों से सहमत होकर माननीय विशेष अतिरिक्त न्यायाधीश ने सीआरपीसी की धारा 235(1) के अंतर्गत दोनों आरोपियों को बरी करने का आदेश पारित किया।




