पुराने रिटर्न लंबित होने पर आयकर रिफंड पर रोक, करदाताओं की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली/सूरत।आयकर विभाग ने उन सभी करदाताओं के इनकम टैक्स रिफंड रोक दिए हैं, जिन्होंने पिछले वर्षों के आयकर रिटर्न नियमित रूप से दाखिल नहीं किए हैं। आमतौर पर रिटर्न फाइल करने के कुछ ही दिनों या एक माह के भीतर रिफंड मिल जाता है, लेकिन अब बड़ी संख्या में करदाताओं के रिफंड अटके हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक पुराने लंबित रिटर्न दाखिल नहीं किए जाएंगे, तब तक रिफंड जारी नहीं किया जाएगा। विभाग ने ऐसे करदाताओं को सूचना भी भेज दी है कि यदि वे दिसंबर 2026 तक पुराने रिटर्न दाखिल कर देते हैं, तभी उनका रिफंड जारी किया जाएगा।
हालांकि समस्या यह है कि पुराने रिटर्न दाखिल करने पर करदाताओं को टैक्स राशि के साथ लगभग 50 प्रतिशत तक जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। कई मामलों में यह राशि रिफंड से अधिक हो रही है। इसी कारण से अधिकांश करदाता रिफंड लेने के बजाय उसे छोड़ना ही बेहतर समझ रहे हैं।
गौरतलब है कि आयकर विभाग ने हाल के वर्षों में रिफंड प्रक्रिया को काफी सरल और तेज बना दिया है, जिसके चलते कई करदाताओं को एक महीने के भीतर ही रिफंड मिल जाता है। लेकिन अब विभाग ने सख्ती बरतते हुए रिफंड जारी करने से पहले यह जांच अनिवार्य कर दी है कि करदाता ने भूतकाल के सभी रिटर्न समय पर भरे हैं या नहीं।
“अब आयकर विभाग रिफंड जारी करने से पहले करदाताओं की पूरी टैक्स हिस्ट्री की जांच कर रहा है। जिन करदाताओं के पुराने रिटर्न लंबित हैं, उनका रिफंड फिलहाल रोक दिया गया है।”इस नए कदम से जहां टैक्स अनुपालन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर छोटे और मध्यम करदाताओं पर आर्थिक दबाव भी बढ़ गया है।



