
नई दिल्ली। भारतीय व्यापार और उद्योग की सामूहिक शक्ति, विविधता और वैश्विक क्षमता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित होने वाले भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 को केंद्र सरकार का पूरा समर्थन मिलेगा। केंद्रीय कपड़ा मंत्री माननीय गिरिराज सिंह ने कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में महोत्सव के लिए कपड़ा मंत्रालय की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक में CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने मंत्री को महोत्सव की अवधारणा, उद्देश्य और स्वरूप की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया और मेड फॉर द वर्ल्ड विज़न को साकार करने वाला एक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच बनेगा, जहां भारतीय व्यापार, उद्योग, MSME और विनिर्माण क्षेत्र की वास्तविक ताकत को दुनिया के सामने रखा जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि कपड़ा मंत्रालय के अधीन आने वाले टेक्सटाइल बोर्ड, निर्यात संवर्धन परिषदों (EPCs), संबंधित विभागों और कपड़ा-गारमेंट क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख हितधारकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि भारत के समृद्ध टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।
CAIT की टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने कहा कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को एक साझा व्यापारिक मंच से जोड़ने वाला ऐतिहासिक आयोजन सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस महोत्सव में हर राज्य की हस्तशिल्प, हथकरघा, पारंपरिक फैब्रिक, गारमेंट, स्थानीय उद्योग, कला-संस्कृति और पारंपरिक परिधानों की व्यापक भागीदारी देखने को मिलेगी, जिससे एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना सशक्त रूप से उभरकर सामने आएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आयोजन की रूपरेखा, अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, विभागीय समन्वय और प्रचार रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शीघ्र ही CAIT और कपड़ा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का आयोजन 1 से 4 मई 2026 के दौरान भारत मंडपम, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारतीय व्यापार इतिहास में एक नया और सशक्त मील का पत्थर स्थापित करना है।




