
सूरत। वैश्विक संकट, महंगाई और गैस की कमी के बीच जब आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तब शहर के पांडेसरा औद्योगिक क्षेत्र में मानवता की अनूठी पहल सामने आई है। गैस और ईंधन की कमी के कारण कई श्रमिक परिवारों के घरों के चूल्हे ठंडे पड़ने लगे थे। ऐसी स्थिति में पांडेसरा जीआईडीसी एसोसिएशन ने आगे आकर हजारों श्रमिकों के लिए ‘अक्षयपात्र’ भोजनालय शुरू किया है।
पांडेसरा के कपड़ा उद्योगों में कार्यरत बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिकों के लिए भोजन तैयार करना कठिन हो गया था। इस संकट को देखते हुए एसोसिएशन द्वारा शुरू किए गए इस सेवा अभियान ने श्रमिकों को बड़ी राहत प्रदान की है। एसोसिएशन के अग्रणी कमल तुलश्यान ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भोजनालय केवल सेवा नहीं बल्कि श्रमिकों के लिए जीवनदायी सहारा बन गया है।
भोजनालय में प्रतिदिन दोपहर और शाम को 5000 से अधिक श्रमिकों को मात्र 40 रुपये प्रति थाली की दर से पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जो श्रमिक काम के कारण स्वयं नहीं पहुंच पाते, उनके लिए पार्सल सुविधा भी शुरू की गई है। भोजन तैयार करने से लेकर वितरण तक की पूरी व्यवस्था निरंतर संचालित की जा रही है।
सेवा कार्य की विशेषता यह भी है कि श्रमिकों के साथ आने वाले बच्चों के लिए नि:शुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है। संस्था का मुख्य उद्देश्य है कि मेहनत करने वाला कोई भी श्रमिक भूखा न सोए। यह पहल एक बार फिर साबित करती है कि सूरत केवल उद्योगों का शहर ही नहीं, बल्कि संवेदनशील मानवीय मूल्यों का भी केंद्र है।



