ई-कॉमर्स की अराजकता और साइबर ठगी पर सख्त नियंत्रण की मांग
ऑनलाइन विक्रेताओं के लिए GST आधारित “CIB स्कोर” तुरंत लागू किया जाए - चम्पालाल बोथरा

सु्ुुरत –देश में तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स के साथ साइबर ठगी और फर्जी ऑनलाइन व्यापार का जाल लगातार फैलता जा रहा है। हाल ही में सूरत से संचालित बड़े ऑनलाइन ठगी रैकेट के खुलासे ने यह साफ कर दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बिना सख्त निगरानी के व्यापार, उपभोक्ताओं और व्यापारियों—दोनों के लिए खतरा बनता जा रहा है।
कैट टेक्सटाइल गारमेंट समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमारे देश का पारंपरिक व्यापारी न केवल मंदी से लड़ रहा है, बल्कि वह एक ऐसे ‘अदृश्य ठग’ से भी लड़ रहा है, जिसके पास न कोई दुकान है, न कोई नैतिकता। यदि आज सरकार ने CIB स्कोर जैसा सुरक्षा चक्र नहीं बनाया, तो डिजिटल इंडिया पर से आम आदमी का भरोसा उठ जाएगा। हमें व्यापार में ‘साख’ को वापस लाना ही होगा।
CIB स्कोर: भरोसे का डिजिटल सुरक्षा कवच
राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने केंद्र सरकार से मांग की कि हर ऑनलाइन विक्रेता के लिए GST आधारित “CIB (Credibility Index for Business) स्कोर” अनिवार्य किया जाए, जो सीधे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) से जुड़ा हो। यह स्कोर GST रिटर्न और टैक्स भुगतान की नियमितता, व्यापार की अवधि, ग्राहक शिकायतों के समाधान का रिकॉर्ड, रिफंड व रिटर्न में पारदर्शिता तथा धोखाधड़ी के इतिहास के आधार पर तय किया जाना चाहिए।
बोथरा के अनुसार, इस व्यवस्था से उपभोक्ता खरीद से पहले विक्रेता की साख (Goodwill) देख सकेंगे, जिससे फर्जी वेबसाइट और ठग विक्रेताओं पर स्वतः अंकुश लगेगा। इससे ईमानदार व्यापारियों को सुरक्षा और सम्मान मिलेगा तथा ई-कॉमर्स क्षेत्र में पारदर्शिता और विश्वास स्थापित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कई प्लेटफॉर्म्स प्रीडेटरी प्राइसिंग और डीप डिस्काउंटिंग के जरिए बाजार संतुलन बिगाड़ रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारी अस्तित्व के संकट में हैं।
राष्ट्रीय चेयरमैन, टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने सरकार से मांग की है कि CIB स्कोर को कानूनी रूप से अनिवार्य किया जाए और सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर विक्रेता का स्कोर दिखाना जरूरी हो। इसके साथ ही साइबर क्राइम और GST डेटा को जोड़कर एक मजबूत निगरानी तंत्र बनाया जाए, फर्जी ऑनलाइन व्यापार पर सख्त दंड दिया जाए और राष्ट्रीय रिटेल विकास परिषद (NRDC) का शीघ्र गठन किया जाए।
अंत में चम्पालाल बोथरा ने जोर देकर कहा कि डिजिटल इंडिया की सफलता तभी संभव है, जब उसमें भरोसा और सुरक्षा सुनिश्चित हो। व्यापार में साख ही सबसे बड़ी पूंजी है और उसे पुनः स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।



