सूरत स्टेशन पुनर्विकास कार्य के चलते 30 दिन का मेगा ब्लॉक, कई ट्रेनें उधना से संचालित होंगी

सूरत। सूरत रेलवे स्टेशन पर चल रही रिडेवलपमेंट परियोजना के तहत प्लेटफॉर्म नंबर 2, 3 और 4 पर छत निर्माण कार्य किए जाने के कारण रेलवे प्रशासन ने 30 दिनों का मेगा ब्लॉक घोषित किया है। इसके चलते सूरत से रवाना होने वाली कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से उधना रेलवे स्टेशन से संचालित करने का निर्णय लिया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो, इस उद्देश्य से प्लेटफॉर्म के ऊपरी हिस्से में छत लगाने का कार्य 30 मार्च से 28 अप्रैल तक चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 के पुनर्विकास कार्य का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पहले ही पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष छत निर्माण कार्य अब किया जाएगा।
मेगा ब्लॉक अवधि के दौरान सूरत तक आने वाली कुछ ट्रेनों को उधना स्टेशन तक ही सीमित किया जाएगा तथा सूरत से प्रस्थान करने वाली चुनिंदा ट्रेनों को उधना से रवाना किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने बताया कि लंबी दूरी की कुछ ट्रेनें नियमित रूप से प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 से संचालित होती रहेंगी, हालांकि निर्माण कार्य के कारण ट्रेनों के आगमन एवं प्रस्थान में लगभग 10 मिनट तक की देरी संभव है।
रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार सूरत–बांद्रा एक्सप्रेस, सूरत–अमरावती एक्सप्रेस तथा अमरावती–सूरत एक्सप्रेस आगामी एक माह तक उधना रेलवे स्टेशन से ही संचालित की जाएंगी। इसके अलावा अन्य ट्रेनों के संचालन समय और प्लेटफॉर्म व्यवस्था में भी आंशिक बदलाव होने की संभावना जताई गई है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगामी ग्रीष्मकालीन अवकाश को ध्यान में रखते हुए यह मेगा ब्लॉक दिया गया है। हर वर्ष गर्मी की छुट्टियों में बड़ी संख्या में यात्री पर्यटन एवं गृह नगर जाने के लिए यात्रा करते हैं और रेलवे द्वारा अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन भी किया जाता है। इसी कारण अवकाश शुरू होने से पहले ही निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि वेकशन सीजन के दौरान यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पूर्व ट्रेन की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा स्टेशन परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए समय से पहले यात्रा की योजना बनाएं, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।




