
सूरत। सारोली स्थित पवनसुत प्रिंट्स में मैनेजर के रूप में कार्यरत व्यक्ति द्वारा मालिक को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताकर व्यापारियों से अपने निजी खाते में रकम ट्रांसफर करवाते हुए करीब 1.88 करोड़ रुपये की उचापत करने का मामला सामने आया है। फरार चल रहे आरोपी मैनेजर को आखिरकार सारोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार राजस्थान के चूरू जिले के सरदारसर निवासी तथा वर्तमान में उधना मगदल्ला रोड स्थित रुद्राक्ष भवन में रहने वाले पवनकुमार चूनीलाल जेसनसरिया (60) सारोली के कुबेरजी डेक टेक्सटाइल मार्केट में पिछले तीन वर्षों से पवनसुत प्रिंट्स नाम से कपड़ा व्यापार की पेढ़ी संचालित कर रहे हैं। उन्होंने अपने ही हमवतन तथा गोडादरा स्थित श्याम हाइट्स निवासी विनोद मदनलाल अग्रवाल (कंदोई) को मार्च-2023 में मैनेजर के रूप में नियुक्त किया था।
शुरुआत में विनोद अग्रवाल ने बड़े स्तर पर व्यापार लाकर अच्छा मुनाफा दिखाया, जिससे मालिक का विश्वास मजबूत हुआ। वर्ष 2024 से व्यापारियों को माल की सप्लाई तो नियमित रूप से की जा रही थी, लेकिन उसकी वसूली पेढ़ी के बैंक खाते में जमा नहीं हो रही थी। इस संबंध में पूछताछ करने पर आरोपी मैनेजर त्योहारों और बाजार मंदी का बहाना बनाकर भुगतान में देरी होने की बात कहता रहा।
मार्च-2025 में खातों की जांच करने पर 35 व्यापारियों से कुल 1.88 करोड़ रुपये की उधारी लंबित दर्शाई गई। जब व्यापारियों से सीधे संपर्क किया गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी विनोद अग्रवाल व्यापारियों को यह कहकर गुमराह करता था कि मालिक पागल हो गए हैं और पूरा कारोबार अब वही संभाल रहा है। इसके बाद वह अपना निजी बैंक खाता देकर भुगतान उसी में ट्रांसफर करवाता रहा।
करीब दो वर्षों के दौरान 1.88 करोड़ रुपये की बड़ी रकम हड़पने का मामला सामने आने पर पवनकुमार जेसनसरिया ने सारोली पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद से फरार चल रहे आरोपी विनोद मदनलाल अग्रवाल (58) को सारोली पुलिस ने दो महीने की तलाश के बाद गोडादरा क्षेत्र स्थित उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।



