
अहमदाबाद/सूरत। गुजरात में कोस्टल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सूरत और भरूच के बीच कोस्टल हाईवे लिंक प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत दोनों शहरों के बीच की दूरी करीब 15 किलोमीटर कम होकर 55 किलोमीटर से घटकर लगभग 40 किलोमीटर रह जाएगी।
करीब 356 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 18 किलोमीटर लंबा फोरलेन हाईवे दक्षिण गुजरात के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इससे दांडी और कांटियाजल के बीच का सफर, जो अभी लगभग डेढ़ घंटे का है, करीब 30 मिनट तक कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि ईंधन की भी बचत होगी और माल परिवहन तेज होगा इस हाईवे से सूरत के हजीरा पोर्ट और भरूच के दाहेज पोर्ट के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा फायदा मिलेगा। हजीरा जैसे प्रमुख बंदरगाह से आने-जाने वाला ट्रैफिक सीधे इस मार्ग का उपयोग कर सकेगा सूरत के ओलपाड क्षेत्र के पारडी जाखरी गांव से इस प्रोजेक्ट की औपचारिक शुरुआत की गई, जहां स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री मुकेश पटेल ने इसका शुभारंभ किया।
यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोस्टल कनेक्टिविटी विजन के अनुरूप तैयार की गई है। इसके पूरा होने से दक्षिण गुजरात में औद्योगिक विकास, व्यापार और परिवहन को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




