
सूरत। द टेक्सटाइल एसोसिएशन इंडिया (टीएआई) के दक्षिण गुजरात इकाई द्वारा 12 फरवरी 2026 को अडाजण स्थित क्षितिज बैंक्वेट हॉल में “इम्पैक्ट ऑफ बजट एंड जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स ऑन एमएमएफ टेक्सटाइल्स” विषय पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया।सूरत पीपल्स बैंक प्रायोजित इस कार्यक्रम में उद्योग जगत के अग्रणी उद्यमियों, टेक्नोक्रेट्स एवं विशेषज्ञों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम में सदर्न गुजरात चैम्बर ऑफ ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के मानद कोषाध्यक्ष सीए मितिश मोदी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने केंद्रीय बजट 2026 के प्रावधानों का विस्तृत विश्लेषण करते हुए कहा कि बजट में घोषित नेशनल फाइबर स्कीम सराहनीय पहल है। इस योजना में एमएमएफ (मैन-मेड फाइबर) को शामिल किया जाना सूरत जैसे एमएमएफ के प्रमुख टेक्सटाइल हब के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि कृषि के बाद सर्वाधिक रोजगार देने वाले श्रम-प्रधान टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए एक समेकित कार्यक्रम की घोषणा से उद्योग को नई दिशा मिलेगी।
सीए मितिश मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी में किए गए संशोधन से उद्योग की लागत संरचना पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। कर सुधारों से एमएसएमई एवं टेक्सटाइल प्रोसेसर्स के लिए नए अवसर खुलेंगे तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिलेगा। उत्पादन एवं निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बनाएंगी।
द्वितीय सत्र में टेक्सटाइल मशीनरी मनुफैक्चर्स असोसिएशन इंडिया के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सच्चिनकुमार अरोड़ा ने यूरोपीय संघ के साथ संभावित एफटीए तथा अमेरिका के साथ व्यापारिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अनुकूल व्यापार समझौते भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को चीन, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों के मुकाबले मजबूत कर सकते हैं।
सेमिनार के अंत में प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए उद्योग के समक्ष मौजूद चुनौतियों और संभावनाओं पर सार्थक चर्चा की। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रम उद्योग को बदलते वैश्विक परिदृश्य में रणनीतिक निर्णय लेने में मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।




