
रिपेयर बनाम री-डेवलपमेंट पर दो गुट आमने-सामने, समझौते से टला टकराव
सूरत। रिंग रोड स्थित शिवशक्ति मार्केट, जो करीब एक वर्ष पहले भीषण आग की चपेट में आ गई थी, उसे फिर से शुरू करने को लेकर व्यापारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मार्केट को दोबारा चालू करने के मुद्दे पर रविवार को आम सभा (एजीएम) बुलाई गई थी, लेकिन बैठक में व्यापारियों के दो गुटों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। हालात एक समय इतने गरमाए कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, हालांकि वरिष्ठ व्यापारियों और पदाधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
बैठक में मौजूद कमेटी सदस्यों और अधिकतर व्यापारियों ने मार्केट की मरम्मत (रिपेयरिंग) कर जल्द से जल्द व्यापार शुरू करने के पक्ष में अपनी राय रखी। उनका कहना था कि लंबे समय से दुकानें बंद रहने से व्यापारियों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है, इसलिए कम खर्च में रिपेयरिंग कर बाजार को दोबारा चालू करना ही बेहतर विकल्प है।
दूसरी ओर, कुछ व्यापारी मार्केट के पूर्ण री-डेवलपमेंट के पक्ष में नजर आए। उनका तर्क था कि आग से इमारत को भारी नुकसान हुआ है, ऐसे में केवल मरम्मत कराने से भविष्य में सुरक्षा संबंधी खतरे बने रह सकते हैं। री-डेवलपमेंट समर्थक व्यापारियों ने रिपेयरिंग के लिए तय की गई राशि देने से साफ इनकार कर दिया और विरोध दर्ज कराया।
इसके जवाब में रिपेयरिंग के पक्ष में खड़े व्यापारियों ने भी री-डेवलपमेंट के लिए तय रकम भरने से इनकार कर दिया और आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी। इस तनातनी के चलते बैठक में तनावपूर्ण माहौल बना रहा और कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका।
कानूनी प्रक्रियाओं, सरकारी नियमों, सुरक्षा मानकों और खर्च के बंटवारे जैसे मुद्दों को लेकर भी व्यापारियों के बीच मतभेद बने हुए हैं। इन परिस्थितियों में आग से प्रभावित शिवशक्ति मार्केट का भविष्य फिलहाल अनिश्चित दिखाई दे रहा है।
हालांकि मार्केट प्रबंधन का कहना है कि अंतिम निर्णय व्यापारियों की बहुमत राय के आधार पर लिया जाएगा। फिलहाल, विवाद को शांत कर स्थिति को नियंत्रण में रखा गया है, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है और आने वाले समय में फिर बैठक बुलाकर समाधान निकालने की संभावना जताई जा रही है।



