सूरत। सूरत की कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 के तहत आरोपी को एक वर्ष की साधारण कैद की सजा सुनाई। यह निर्णय 19 जनवरी 2026 को खुले न्यायालय में सुनाया गया।
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता विपिन इंदरसेन अग्रवाल, पार्टनर गुरुकृपा मेटालिक्स, ने बताया कि आरोपी चंद्रभानु प्रभुनाथ गुप्ता, अधिकृत सिग्नेटरी आर.पी. सिंथेटिक्स, ने 8.80 लाख रुपये का माल खरीदा था। आंशिक भुगतान के बाद बकाया राशि के बदले दिए गए चेक फरवरी 2018 में “फंड्स इन्सफिशिएंट” के कारण बाउंस हो गए। कानूनी नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं किया गया।
सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 2,36,286/-रुपये की राशि शिकायतकर्ता को 9% वार्षिक ब्याज सहित 30 दिनों में चुकाने का आदेश दिया। भुगतान नहीं करने पर 4 माह की अतिरिक्त साधारण कैद भुगतनी होगी। शिकायतकर्ता की ओर से एडवोकेट वी.वी. देसाई तथा आरोपी की ओर से एडवोकेट जे. वी. देसाई ने पक्ष रखा।




