
सूरतसूरत महानगरपालिका द्वारा कतारगाम क्षेत्र में निर्मित रत्नमाला जंक्शन और गजेरा जंक्शन को जोड़ने वाले एकतरफा टू-लेन फ्लायओवर ब्रिज का लोकार्पण गुरुवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटील के करकमलों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सूरत के मेयर श्री दक्षेश किशोरभाई मावाणी, राज्यसभा सांसद श्री गोविंदभाई धोलकिया तथा विधायक श्री विनोदभाई मोरडिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। ईपीसी (EPC–Engineering, Procurement & Construction) पद्धति से तैयार किए जा रहे चार लेन के इस फ्लायओवर में से कांसानगर से अमरोली की ओर जाने वाला एक तरफ का दो लेन ब्रिज आम जनता के लिए खोल दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री सी.आर. पाटील ने कहा कि शहरी नागरिकों की सुविधा सूरत महानगरपालिका की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। सूरत ने ‘ब्रिज सिटी’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है और आज देश में सबसे अधिक फ्लायओवर ब्रिज वाला शहर सूरत है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में राम मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा का पावन दिन है और ऐसे शुभ अवसर पर इस ब्रिज का लोकार्पण होने से वाहन चालकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

मेयर श्री दक्षेश मावाणी ने जानकारी दी कि आगामी दो महीनों में अमरोली ब्रिज से कांसानगर को जोड़ने वाले दूसरी ओर के दो लेन ब्रिज का भी लोकार्पण किए जाने की योजना है।
ट्रैफिक समस्या से मिलेगी बड़ी राहत, 12 लाख वाहन चालकों को होगा लाभ
चार लेन का यह फ्लायओवर ब्रिज कुल 62.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन है। इसमें से 31.42 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दो लेन रत्नमाला ब्रिज शुरू होने से अमरोली और कतारगाम के बीच कनेक्टिविटी और अधिक तेज व सुगम हो जाएगी। जंक्शन पर लगने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी तथा करीब 12 लाख वाहन चालकों का आवागमन आसान होगा। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।




