
अहमदाबाद।गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल द्वारा गुजरात टेक्सटाइल नीति–2024 में किए गए संशोधनों का कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट समिति ने स्वागत किया है। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष चम्पलाल बोथरा ने कहा कि यह निर्णय महिला सशक्तिकरण और शहरी एमएसएमई इकाइयों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
श्री बोथरा के अनुसार, नई अधिसूचना के तहत राष्ट्रीय शहरी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन (NULM/NRLM) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों (एसएचजी) को सीधे नीति के लाभ मिलेंगे, जिससे हजारों महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही परिधान, सिलाई, कढ़ाई जैसी प्रदूषण-रहित गतिविधियों को नीति में शामिल किए जाने से सूरत, अहमदाबाद और राजकोट जैसे शहरों के छोटे उद्यमियों को पहली बार औद्योगिक नीति का वास्तविक लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि यह सुधार वस्त्र क्षेत्र के छोटे उद्यमियों के सात वर्षों के संघर्ष का परिणाम है, जिसमें प्लग-एंड-प्ले ढांचा, शहरी प्रदूषण-रहित इकाइयों को औद्योगिक लाभ और वस्त्र क्षेत्र को स्वतंत्र ‘गारमेंट हब’ का दर्जा देने जैसी मांगें शामिल थीं।कैट ने सरकार से आवेदन प्रक्रिया सरल करने और लाभों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया है।




