
अहमदाबाद/सूरत। कोर्ट के आदेश की अवहेलना के मामले में चार्टर्ड अकाउंटेंट अरविंद सोनी और अन्य पक्षकार पवन राठी को दोषी ठहराया गया है। दोनों की ओर से बिनशर्त माफी मांगे जाने के बाद अदालत ने जेल की सजा के स्थान पर प्रत्येक पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, सीए अरविंद सोनी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश ICAI को दिए गए हैं।
यह मामला National Company Law Tribunal, अहमदाबाद में दायर एक शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता गिरधर विरंगामा से कंपनी के कुछ शेयर 21 जून 2010 की कीमत पर खरीदने को कहा गया था। इसके बावजूद, अदालत के आदेश की अवहेलना करते हुए अरविंद सोनी और पवन राठी ने 19 तारीख को सूरत में गिरधर विरंगामा को कंपनी के प्रबंधन पद से हटा दिया।
इस कृत्य को अदालत के आदेश की अवमानना मानते हुए शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता अल्पेश ठक्कर ने उच्च न्यायालय में कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट की याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान सीए अरविंद सोनी स्वास्थ्य कारणों से उपस्थित नहीं हो सके, जबकि पवन राठी ने अदालत के समक्ष बिनशर्त माफी मांगी।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए जेल की सजा माफ कर दी और 2000–2000 रुपये का जुर्माना लगाया। साथ ही, अदालत ने ICAI को निर्देश दिया कि वह सीए अरविंद सोनी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रारंभ करे।




