दो हजार से अधिक पावरलूम कारखाने पांचवें दिन भी बंद

सूरत। पांडेसरा और उधना क्षेत्र की वीविंग सोसायटियों में स्थित करीब 2,000 पावरलूम इकाइयां लगातार पांचवें दिन भी बंद रहीं। पिछले चार दिनों से जारी इस बंद का असर आज भी देखने को मिला।
मौजूदा हालात में वीवर्स की ओर से कारीगरों को समझाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। उद्योग पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है, इसके बावजूद कारीगर मजदूरी दर में प्रति मीटर 10 पैसे की बढ़ोतरी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि कारीगरों को समय पर भुगतान किए जाने के बावजूद हर वर्ष इस तरह की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
चैंबर के पूर्व अध्यक्ष एवं पांडेसरा वीवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीषभाई गुजराती ने बताया कि वीवर्स तथा पांडेसरा-उधना के अग्रणी व्यापारी मिलकर कारीगरों को लगातार समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर पावरलूम उद्योग पर मंदी का दबाव है, वहीं दूसरी ओर मजदूरी बढ़ाने की मांग से हालात और जटिल हो गए हैं।
लगभग 2,000 पावरलूम बंद रहने से कपड़ा उत्पादन पर सीधा असर पड़ रहा है। हालांकि पांचवें दिन पांडेसरा के कुछ इकाइयों में काम शुरू हुआ है, लेकिन भेस्तान और उधना क्षेत्र में बंद का असर अधिक बना हुआ है।




