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टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी (CAIT) की केंद्र सरकार से अपील

कपड़ा बाज़ारों में बढ़ते संगठित आर्थिक अपराधों पर ‘विशेष आर्थिक अपराध’ कानून लागू करें; चम्पालाल बोथरा

साइबर धोखाधड़ी पर कठोर क़ानून बनाने की मांग

सूरत।कनफ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने देश के विभिन्न कपड़ा बाज़ारों में तेजी से बढ़ते संगठित आर्थिक अपराधों और ऑनलाइन–साइबर धोखाधड़ी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को एक विस्तृत पत्र भेजकर राष्ट्रीय स्तर पर कठोर प्रवर्तन तंत्र लागू करने का आग्रह किया गया है। पत्र की प्रतिलिपि गुजरात के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री हर्ष संधवी तथा CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीण खंडेलवाल को भी भेजी गई है।

कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन  चम्पालाल बोथरा ने बताया कि सूरत, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, जयपुर, इंदौर, कानपुर, हैदराबाद, पुणे, तिरुपुर, इरोड और मालेगांव जैसे बड़े कपड़ा व्यापार केंद्रों में संगठित गिरोह फर्जी फर्मों, दलालों और एजेंटों के माध्यम से एक साथ 15–20 व्यापारियों को निशाना बनाकर करोड़ों रुपये की सामूहिक धोखाधड़ी कर रहे हैं।

संगठित अपराध का नया पैटर्न श्री बोथरा के अनुसार, अपराधियों ने एक नेटवर्क-आधारित प्रणाली बनाई है। वे विभिन्न राज्यों में नकली नामों से दुकानें खोलते हैं, पहले विश्वास जीतते हैं और बाद में भारी मात्रा में माल उठाकर दुकानें बंद कर फरार हो जाते हैं। जमानत पर छूटने के बाद वही अपराधी नए जीएसटी पंजीकरण और नए नामों से दोबारा अपराध करते हैं, जिससे एमएसएमई व्यापारियों का भरोसा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसके अलावा व्हाटसअप टेलीग्राम यूपीआई और फर्जी डिजिटल इनवॉइस के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी भी तेजी से बढ़ रही है।

CAIT की 10 सूत्रीय राष्ट्रीय मांगेंकेंद्र सरकार से कमेटी ने निम्नलिखित सुधार तत्काल लागू करने की अपील की है—

1. संगठित कपड़ा धोखाधड़ी को “विशेष आर्थिक अपराध” घोषित किया जाए।

2. सामूहिक धोखाधड़ी को “विशेष समूह आर्थिक अपराध” माना जाए।

3.एफआईआर दर्ज होते ही आरोपी की संपत्ति, बैंक खाते, स्टॉक, UPI ID को तत्काल सील/फ्रीज़ किया जाए।

4. राष्ट्रीय व्यापार धोखाधड़ी निगरानी ग्रिड बनाया जाए।

5. ब्रोकर–एजेंट का आधार व पुलिस सत्यापन आधारित अनिवार्य पंजीकरण हो।

6. कपड़ा धोखाधड़ी निरोधक विशेष कार्यबल गठित किया जाए।

7. ऑनलाइन/साइबर धोखाधड़ी को “गंभीर आर्थिक अपराध” घोषित किया जाए।

8. डिजिटल फर्जीवाड़े पर कठोर दंड लागू हो।

9. राष्ट्रीय साइबर व्यापार धोखाधड़ी पोर्टल बनाया जाए।

10. उच्च-जोखिम धोखाधड़ी झंडा प्रणाली राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जाए।

CAIT की टेक्सटाइल & गारमेंट कमेटी ने गृह मंत्री से आग्रह किया है कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़—कपड़ा व्यापार—की सुरक्षा और स्थिरता के लिए इन राष्ट्रीय स्तर के कानूनों को शीघ्र लागू किया जाए।

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