
सूरत। हजीरा पुलिस ने 14 सितंबर को हजीरा गाँव में हुई एक युवक की हत्या का भेद मात्र कुछ ही दिनों में खोलते हुए आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है। जोगणी माता मंदिर के सामने खेत की झाड़ियों में एक अज्ञात युवक का शव मिला था, जिसके हाथ-पैर और मुँह गमछे से बंधे हुए थे तथा सिर पर बोथड़ वस्तु से हमला कर क्रूर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान रंजीत शंकर पसवान (उम्र 21 वर्ष, मूल निवासी धानबाद-झारखंड, हाल निवासी हजीरा गाँव) के रूप में हुई थी।
इस मामले में हजीरा पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त श्री अनुपमसिंह गहलौत, संयुक्त पुलिस आयुक्त (सेक्टर-2) श्री के.एन. डामोर, उपायुक्त (ज़ोन-7) श्रीमती शैफाली बरवाल तथा सहायक पुलिस आयुक्त (एन डिवीजन) श्री दीप वकील के मार्गदर्शन में विशेष टीमें गठित की गईं।
तफ्तीश के दौरान घटनास्थल व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक करने पर मृतक के साथ एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया, जिसकी पहचान रोहितकुमार बेचेन केवट (उम्र 30 वर्ष, निवासी गंगटा गाँव, थाना किशनपुर, जिला लखीसराय, बिहार) के रूप में हुई। जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के बाद आरोपी ट्रेन से बिहार भाग गया था। तकनीकी सर्विलांस व मानव स्रोतों की मदद से हजीरा पुलिस की टीम ने लखीसराय रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर सूरत लाने में सफलता पाई।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि मृतक रंजीत के साथ वह खेत में पैसे और मोबाइल खोजने गया था। मोबाइल व पैसे न मिलने पर विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने रंजीत को धक्का देकर गिरा दिया और पत्थर से सिर पर प्रहार कर दिया। इसके बाद हाथ-पाँव व मुँह गमछे से बाँधकर उसकी हत्या कर दी।
इस अपराध के खुलासे में पुलिस इंस्पेक्टर वी.एल. परमार, टी.के. देवमुरारी, हेड कांस्टेबल हिम्मांशुभाई बावकुभाई, चेतनसिंह वेलुभाई, जयेशभाई घेलाभाई, एएसआई नरेंद्रभाई जयशुखभाई, कांस्टेबल अजयभाई भायजीभाई, विजयभाई करशनभाई, निकुलसिंह नरेंद्रसिंह, चिरागभाई हरदासभाई तथा लोक रक्षक जिग्नेशभाई अमृतभाई की टीम ने अहम भूमिका निभाई।फिलहाल आरोपी से आगे की विस्तृत पूछताछ जारी है।




