
बालोतरा। राजस्थान के बालोतरा ज़िले अंतर्गत गढ़ सिवाना नगर में चातुर्मासार्थ विराजित जैन स्थानकवासी संप्रदाय के ज्ञान गच्छाधिपति, श्रुतधर पंडितरत्न श्री प्रकाशचंद्रजी म.सा. आदि ठाणा-30 की निश्रा में प्रतिदिन प्रवचन, सामायिक, प्रतिक्रमण, तप-जप सहित विभिन्न धार्मिक आराधनाओं का आयोजन हो रहा है। इन प्रवचनों व अनुष्ठानों का लाभ सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन ले रहे हैं।
गढ़ सिवाना नगर जैन धर्म के लिए अत्यंत पवित्र स्थल माना जाता है। यह नगर श्वेतांबर मूर्तिपूजक खरतरगच्छ संघ के तीसरे दादागुरुदेव श्री जिनकुशलसूरीश्वरजी महाराज साहब की जन्मभूमि रहा है तथा अनेक साधु-साध्वी एवं साधक आत्माओं की भी जन्म और कर्मभूमि रहा है। यही कारण है कि यहां प्रतिदिन धर्म-आध्यात्म की गंगा बह रही है, जिसमें सैकड़ों पुण्यात्माएं गोते लगा रही हैं।

इसी क्रम में पूज्य गुरुदेव की निश्रा में आगामी दिनों में आठ से दस मुमुक्षु जैन भागवती दीक्षा ग्रहण कर संयम पथ पर अग्रसर होंगे। श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, गढ़ सिवाना के गौतम छाजेड़ ने बताया कि सभी दीक्षा समारोह गांव के ओसवाल जैन न्याति नोहरा के सामने स्थित बालड ग्राउंड पर होंगे।
दीक्षा कार्यक्रम इस प्रकार निर्धारित हैं –
2 अक्टूबर : केजीएफ, कर्नाटक की मुमुक्षु सरोजा छलाणी तथा रायचूर, कर्नाटक के अक्षय पीपाड़ा दीक्षा लेंगे।
26 अक्टूबर : जसोल निवासी नमन बुरड तथा गढ़ सिवाना निवासी मानव गणधर चोपड़ा की दीक्षा होगी।
30 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ निवासी भक्ति बेन दीक्षा लेंगी।
इसके अतिरिक्त तीन से चार और दीक्षाएं अघोषित रूप से होने की संभावना व्यक्त की गई है।




