
सूरत। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कपड़ा और गारमेंट क्षेत्र में जीएसटी दरों में संशोधन की अपील की है।
कमेटी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कैट के वर्षों से जारी प्रयासों और सुझावों के परिणामस्वरूप सरकार ने टेक्सटाइल एवं गारमेंट उद्योग के लिए यूनिफॉर्म टैक्स स्ट्रक्चर लागू किया है, जिससे व्यापार में स्थिरता आई है और उद्योग को मजबूती मिली है। इसे उन्होंने व्यापारी समुदाय की सक्रिय भागीदारी का परिणाम भी बताया।
कमेटी ने पत्र में उल्लेख किया कि कैट ने पहले ही सुझाव दिया था कि 10,000 रुपये तक के गारमेंट्स पर 5% जीएसटी लागू किया जाए, लेकिन फिलहाल यह सीमा केवल 2,500 रुपये तक सीमित है। इस सीमा से अधिक मूल्य वाले गारमेंट्स पर 18% जीएसटी लागू है, जो उद्योग, छोटे व्यापारियों और आम उपभोक्ताओं पर भारी बोझ बन रहा है।
कमेटी ने प्रधानमंत्री से दो प्रमुख मांगें की हैं—पहली, 10,000 रुपये तक के गारमेंट्स पर 5% जीएसटी लागू किया जाए और दूसरी, अन-स्टिच्ड गारमेंट्स जैसे लहंगा, गाउन और सूट को फैब्रिक श्रेणी में शामिल कर उन पर भी 5% जीएसटी लगाया जाए।
कमेटी का कहना है कि यदि इन मांगों को स्वीकार किया जाता है तो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों को बल मिलेगा, लाखों महिलाओं को रोजगार मिलेगा और भारतीय टेक्सटाइल उद्योग वैश्विक बाजार में और अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगा।कमेटी ने प्रधानमंत्री से इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेकर कपड़ा व्यापार और कारीगरों को राहत देने का आग्रह किया है।




